RANCHI
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को “रन फॉर स्वर्णरेखा” कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। युगांतर भारती, नवचेतना ग्रामीण संस्थान, नेचर फाउंडेशन, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और जल जागरूकता अभियान के संयुक्त आयोजन में यह दौड़ नगड़ी चेक पोस्ट से मेला स्थल तक आयोजित की गई।

दौड़ को युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण, लालगुटुआ स्टेट के प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव और नगड़ी जिला परिषद सदस्य पूनम देवी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में युवाओं को रील की दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों और अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिखावटी और केवल मनोरंजन तक सीमित चीजों के बजाय युवाओं को करियर, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम विषयों पर फोकस करना होगा।
अंशुल शरण ने युवाओं से सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव से दूर रहकर सच्चाई और वास्तविकता को समझने की अपील की। साथ ही उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों—आत्मविश्वास, निःस्वार्थ सेवा, “उठो-जागो और लक्ष्य प्राप्त करो” के मंत्र तथा सर्वधर्म समभाव—को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में स्वर्णरेखा महोत्सव समिति के अध्यक्ष तापेश्वर केशरी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए स्वर्णरेखा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प युवाओं को दिलाया। जिला परिषद सदस्य पूनम देवी ने भी युवाओं को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने की बात कही।

इस अवसर पर स्वर्णरेखा महोत्सव समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग महतो, महामंत्री हेमंत केशरी, बंदे ओरांव, संदीप राज, शाहिद अहमद, चूड़ामणि महतो, शीला देवी, सुरेश साहू, केदार महतो, रवि केशरी, रितेश राज, विलियम ओरांव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम से पूर्व स्वर्णरेखा नदी के उद्गम स्थल नगड़ी के रानीचुआं के समीप स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अंशुल शरण, तापेश्वर केशरी सहित अन्य अतिथियों और युवाओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बाल दौड़ परिणाम
प्रथम – कौशल रीजिक मिंज
द्वितीय – अजय कुमार
तृतीय – रोहित कच्छप
बालिका दौड़ परिणाम
प्रथम – शीरीन एंजेल मिंज
द्वितीय – कोमल कुमारी
तृतीय – सुमन कच्छप
सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

