रांची: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के करीबी ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह से झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की पूछताछ जारी है। हजारीबाग जेल से रिमांड पर रांची लाए गए विनय सिंह से एजेंसी ने लगातार सवाल किए, लेकिन कारोबारी ज्यादातर सवालों का जवाब देने से बचते रहे। पूछताछ में उनका प्रमुख उत्तर यही रहा कि उन्हें कुछ याद नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, विनय सिंह निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने चौबे के कथित काले धन का निवेश करने और मनी लॉन्ड्रिंग में मदद की। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि विनय सिंह के खिलाफ कई दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है, ताकि चौबे और उनके नेटवर्क के काले धन के संबंध का खुलासा किया जा सके।
ACB की पूछताछ शनिवार से शुरू हुई है और यह पूछताछ एक सप्ताह तक चलेगी। जांच अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक दौर में विनय सिंह ने कई बार सवालों का टाल-मटोल किया और महत्वपूर्ण जानकारियों के खुलासे से बचने की कोशिश की। उनके उत्तर न देने और याद नहीं होने की बात कहने से एजेंसी को जांच में जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है।
विनय कुमार चौबे झारखंड में शराब और जमीन घोटाले से जुड़े विवादों में पहले ही गिरफ्तार हैं। उन पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें सरकारी धन के दुरुपयोग और गैरकानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित करने के मामले शामिल हैं। विनय सिंह का नाम चौबे के साथ घोटाले के वित्तीय लेन-देन में सामने आया है। एजेंसी को उम्मीद है कि विनय सिंह से मिली जानकारी के आधार पर चौबे के कथित काले धन का पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सकेगा।
एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि विनय सिंह के बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और निवेश के दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। इसके अलावा, उनसे पूछताछ के दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान करने की भी योजना है।
विनय सिंह की जिद और सवालों का जवाब न देना जांच प्रक्रिया में बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि एसीबी अधिकारियों ने कहा कि उनके पास पर्याप्त तकनीकी और कानूनी साधन हैं, जिससे वे जांच को पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ आगे बढ़ाएंगे।
स्थानीय प्रशासन और एसीबी ने मीडिया और जनता से अपील की है कि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें और एजेंसी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दें। माना जा रहा है कि इस सप्ताह की पूछताछ के परिणाम आगामी कार्रवाई के लिए अहम साबित होंगे।
इस मामले में एसीबी की लगातार जांच और विनय सिंह के सहयोग न करने के बावजूद सक्रिय दृष्टिकोण से यह साफ है कि झारखंड प्रशासन भ्रष्टाचार और काले धन के मामलों में सख्ती बरतने के लिए गंभीर है।

