दिग्गज पत्रकार मार्क टुली का दिल्ली में निधन, पद्मश्री और पद्मभूषण से थे सम्मानित

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली।
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक सर विलियम मार्क टुली का रविवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और दक्षिण दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मीडिया जगत में वे मार्क टुली के नाम से व्यापक रूप से जाने जाते थे और 20वीं सदी के अंतिम दशकों में भारत की राजनीति और प्रमुख घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए विशेष पहचान रखते थे।

मार्क टुली बीबीसी के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार थे और उन्होंने अपने करियर का बड़ा हिस्सा भारत और दक्षिण एशिया की रिपोर्टिंग में बिताया। उन्हें भारत और ब्रिटेन, दोनों देशों की सरकारों द्वारा विभिन्न सम्मानों से नवाजा गया था।

उनका जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता के टॉलीगंज क्षेत्र में एक ब्रिटिश कारोबारी परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा भारत में हुई, जिसमें दार्जिलिंग के एक बोर्डिंग स्कूल में अध्ययन भी शामिल रहा। नौ वर्ष की उम्र में वे ब्रिटेन चले गए, जहां उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से धर्मशास्त्र की पढ़ाई की। शुरुआत में वे चर्च से जुड़ना चाहते थे, लेकिन बाद में पत्रकारिता को अपना करियर चुना और वर्ष 1964 में बीबीसी से जुड़े।

1965 में वे भारत संवाददाता के रूप में पुनः भारत लौटे और आगे चलकर बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख बने। अपने लगभग 22 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने दक्षिण एशिया की लगभग सभी बड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग की। इनमें भारत-पाक युद्ध, ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या, सिख विरोधी दंगे, भोपाल गैस त्रासदी, राजीव गांधी की हत्या और बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसी ऐतिहासिक घटनाएं शामिल रहीं।

जुलाई 1994 में आंतरिक मतभेदों के बाद उन्होंने बीबीसी छोड़ा और इसके बाद नई दिल्ली से स्वतंत्र पत्रकार और प्रसारक के रूप में कार्य करते रहे। हालांकि, बीबीसी से उनका जुड़ाव बना रहा और वे वर्ष 2019 तक कुछ कार्यक्रमों में दिखाई देते रहे।

पत्रकारिता के साथ-साथ मार्क टुली एक प्रसिद्ध लेखक भी थे। उनकी प्रमुख पुस्तकों में अमृतसर: मिसेज गांधी की आखिरी लड़ाई, राज से राजीव, नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडिया इन स्लो मोशन, इंडियाज अनएंडिंग जर्नी और इंडिया: द रोड अहेड शामिल हैं। उनकी चर्चित काल्पनिक रचनाओं में द हार्ट ऑफ इंडिया और अपकंट्री टेल्स का नाम प्रमुख है।

उन्हें 1985 में ब्रिटेन द्वारा ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (OBE) से सम्मानित किया गया था। भारत सरकार ने 1992 में उन्हें पद्मश्री और 2005 में पद्मभूषण से सम्मानित किया।

मार्क टुली के निधन से भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता जगत ने एक निष्पक्ष, संवेदनशील और दूरदर्शी रिपोर्टर को खो दिया है।

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Digital Head,Live-7, Committed to impactful journalism, Shashi Bhushan Kumar continues to bring meaningful narratives to the public with diligence and passion. Active Journalist since 2012.
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