झारखंड के पलामू में मामूली विवाद के बाद सब्जी विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या, इलाके में तनाव, पुलिस अलर्ट

Shashi Bhushan Kumar

पलामू, झारखंड के पलामू जिले के पिपराटांड़ थाना क्षेत्र में एक सब्जी विक्रेता की बेरहमी से पिटाई के बाद मौत का मामला सामने आया है। केलहवा बाजार में हुए विवाद के बाद दबंगों ने 40 वर्षीय अब्दुल बारीक मियां को लाठी-डंडों से इतना पीटा कि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अब्दुल बारीक मियां पिपराटांड़ के केलहवा बाजार में सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार की शाम को किसी बात को लेकर उनका कुछ स्थानीय लोगों से विवाद हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस इतनी बढ़ी कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आने के कारण वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल अब्दुल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया।

रिम्स में इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मृत्यु हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

इलाके में सांप्रदायिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। ग्रामीणों ने इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग की है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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