तेहरान,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं के बीच ईरान की ओर से एक तीखा संदेश सामने आया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
ईरानी मीडिया और सरकारी प्रसारण माध्यमों पर एक तस्वीर प्रसारित की गई है, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर वर्ष 2024 में हुए जानलेवा हमले का दृश्य दिखाया गया है। इस तस्वीर के साथ फारसी भाषा में एक संदेश भी दिखाया गया, जिसका अनुवाद “इस बार निशाना नहीं चूकेगा” बताया जा रहा है। यह प्रसारण सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच ब्रिटेन ने तेहरान में अपने दूतावास को अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। ब्रिटिश विदेश कार्यालय ने जानकारी दी कि दूतावास को फिलहाल रिमोट मोड में संचालित किया जाएगा और वहां तैनात सभी राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया है।
बताया जा रहा है कि जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है, वह जुलाई 2024 में अमेरिका के पेन्सिलवेनिया राज्य के बटलर में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर हुए हमले से जुड़ी है। उस घटना में एक हमलावर द्वारा की गई फायरिंग में ट्रंप बाल-बाल बच गए थे, जबकि गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी। इस घटना ने उस समय पूरे अमेरिका को हिला दिया था।
तनाव के इस दौर में डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा था कि यदि ईरान हिंसा का रास्ता अपनाता है तो अमेरिका प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेगा।
इस बीच, क्षेत्रीय हालात को देखते हुए ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। वहीं, यूरोपीय देशों और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्तों में भी लगातार तल्खी देखी जा रही है।
हालांकि, बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक साक्षात्कार में कहा है कि उनका देश बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने दोहराया कि ईरान लंबे समय से कूटनीति के पक्ष में रहा है और सैन्य टकराव की तुलना में संवाद को बेहतर विकल्प मानता है। अराघची ने अमेरिका से अपील की है कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाए।

