RANCHI
वर्ष 2015 में झारखंड के हजारीबाग जिला अदालत परिसर में गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में अहम फैसला आया है। झारखंड हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों को अपील पर सुनवाई के बाद बरी कर दिया है।
खंडपीठ के न्यायाधीशों ने साक्ष्यों और परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के बाद निचली अदालत के निर्णय को निरस्त करते हुए विकास तिवारी, संतोष पांडेय, विकास कुमार सिंह, दिलीप साव और राहुल पांडेय को दोषमुक्त घोषित किया। इससे पहले हजारीबाग की निचली अदालत ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और प्रत्येक पर अर्थदंड भी लगाया था।
2 जून 2015 को हजारीबाग व्यवहार न्यायालय परिसर में उस समय गोलीबारी की घटना हुई थी, जब कुख्यात अपराधी सुशील श्रीवास्तव को पेशी के लिए लाया गया था। हमलावरों ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया था। घटना में सुशील श्रीवास्तव के साथ कमाल खान और ग्यास खान की भी मृत्यु हो गई थी।
इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया था। मामले में तत्कालीन समय पर सुरक्षा में तैनात कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई थी।
पुलिस ने जांच के दौरान विभिन्न स्थानों से आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब उच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पर्याप्त रूप से सफल नहीं हो सका।

