नई दिल्ली।
दिल्ली में शुक्रवार को 26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। सुबह से ही बरसात के बावजूद कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं के जवानों ने कदम से कदम मिलाकर परेड की। इस वर्ष पहली बार भारतीय सेना की भैरव बटालियन भी फुल ड्रेस रिहर्सल का हिस्सा बनी।
इस बार की परेड में नई तकनीक और अद्वितीय झांकियों का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। परेड में शामिल होंगे शक्ति बाण, दिव्यास्त्र बैटरी, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम, रोबोटिक डॉग, ईगल, बैक्ट्रियन कैमल और जंस्कार पोनी। कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर पेश की जाएंगी, जिनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 झांकियां मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी।
इस वर्ष की झांकियों की थीम है: ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’। त्रि-सेवा झांकी ऑपरेशन सिंदूर और संयुक्तता से विजय को प्रदर्शित करेगी। वहीं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विकसित भारत की ओर अग्रसर भारतीय शिक्षा पर आधारित झांकी पेश करेगा।
गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना का फ्लाइ पास्ट भी विशेष होगा। फाइटर जेट्स आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाएंगे, जिसमें 2 राफेल, 2 मिग-29, 2 सुखोई-30 और 1 जैगुआर विमान शामिल होंगे। यह ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नष्ट किए गए आतंकवादी ठिकानों की याद दिलाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अपनी कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा, जिनमें लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल और कॉम्बैट सबमरीन तकनीक आधारित विशेष झांकी शामिल है। DRDO के अत्याधुनिक हथियार भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए हैं।
इस रिहर्सल ने दर्शकों को भारतीय सैन्य बलों की तैयारी, आधुनिक तकनीक और देशभक्ति की भावना का जीवंत अनुभव कराया।

