बिहार में नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत: परिवार को दूसरी बार धमकी, जांच तेज

Shashi Bhushan Kumar

पटना/जहानाबाद: बिहार में एक नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी बीच पीड़ित परिवार को दोबारा जान से मारने की धमकी मिलने से इलाके में भय का माहौल बन गया है।

मंगलवार को सीबीआई की टीम ने पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां छात्रा रह रही थी। इसके बाद जांच दल जहानाबाद में उसके पैतृक घर पहुंचा। जांच प्रक्रिया के तहत मृतक के भाई को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया।

इधर, परिवार के घर के पास फिर एक हस्तलिखित धमकी भरा पत्र मिलने से चिंता बढ़ गई है। कथित तौर पर पत्र में परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। परिजनों के अनुसार, 14 फरवरी को भी इसी तरह का एक पत्र घर के बाहर फेंका गया था। उनका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद दोबारा ऐसा होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

लगातार मिल रही धमकियों के बाद स्थानीय प्रशासन ने घर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। शकुराबाद थाने के प्रभारी ने पुष्टि की है कि मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी भरे पत्रों के पीछे कौन लोग हैं।

पीड़ित के पिता ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से सख्त कदम उठाने और दोषियों की शीघ्र पहचान करने की मांग की है।

यह मामला शुरुआत से ही विवादों में रहा है। प्रारंभिक स्तर पर घटना को आत्महत्या बताया गया था, लेकिन बाद में पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने की बात सामने आई। इसके बाद परिवार ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

बढ़ते जनदबाव के बीच विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। जांच के दौरान छात्रा को नाबालिग मानते हुए बाल संरक्षण से जुड़े कड़े प्रावधान भी जोड़े गए। फिलहाल सीबीआई पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच में जुटी है और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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