पशु रक्षा को ले छात्रों के टोली की अनोखी पहल, निजी खर्च पर लावारिस पशुओं की करेंगे देखभाल

Shashi Bhushan Kumar

चतरा : रात के अंधेरे में शहर की सड़कों पर विचरण करने वाले लावारिस पशुओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर अब मदद में हाँथ बढ़ने लगे हैं। चतरा में सड़क पर बैठे पशुओं की तेज रफ्तार वाहनों के चपेट में आने से आए दिन हो रहे दर्दनाक सड़क हादसों में मौत से मर्माहत छात्रों की टोली ने एक अनोखी पहल शुरू की है। इस बाबत शहर के विभिन्न मोहल्लों में निवास करने वाले छात्रों की एक टोली नें गुरुवार को उपायुक्त कीर्ति श्री जी से मुलाकात कर मार्मिक ज्ञापन सौंपा हैं। ज्ञापन के माध्यम से छात्रों ने डीसी को जिले की सड़कों पर रहने वाले आवारा पशुओं के कारण हो रहे सड़क दुर्घटनाओं से अवगत कराया हैं। ज्ञापन में छात्रों ने कहा है कि शहर के अलावे जिले के विभिन्न व्यस्त सड़कों पर अक्सर लावारिस पशु घूमते देखे जाते हैं। ये पशु दिन में भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमते हैं, और रात के अंधेरे में थक-हारकर बीच सड़क पर ही बैठ जाते हैं। जिससे न केवल तेज रफ्तार बेकाबू वाहनों के चपेट में आने से वह गंभीर रूप से जख्मी हो जाते हैं बल्कि उनकी जान को भी खतरा होता हैं।

रेडियम बेल्ट लगाया गया पशुओं को

छात्रों ने डीसी से मिलकर कराया अवगत

छात्रों ने डीसी को अवगत कराया है कि लावारिस पशुओं के सड़कों पर रहने के कारण ईन सड़कों पर यात्रा करने वाले आम लोगों के लिए भी दुर्घटना का एक गंभीर खतरा बना रहता है और नियमित दुर्घटनाएं भी घटित होती रहती हैं। छात्रों ने कहा कि इनके द्वारा निजी खर्च पर लावारिस पशुओं को रात में पकड़-पकड़ कर रेडियम बेल्ट भी पहनाया जाता है, ताकि अँधेरे में चलने वाले गाड़ियों की रौशनी से होने वाले रिफलेक्शन से पशुओं के साथ-साथ आम लोगों को दुर्घटना से बचाया जा सके। छात्रों नें डीसी को बताया कि चंद असामाजिक तत्वों के द्वारा पशुओं को पहनाए जा रहे रेडियम बेल्ट को खोल दिया जा रहा है। जिसके कारण दर्जनों पशु खासकर गाय और बछड़ा दुर्घटनाओं के चपेट में आ रहे हैं। छात्रों ने डीसी को बताया कि उनकी टीम में 300 से अधिक छात्र हैं I

ज्ञापन सौंपते डीसी को

निजी खर्च से कर रहे है सेवा

वे लोग नियमित तौर पर सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से जख्मी पशुओं का निजी खर्च से ईलाज तक करवा रहे हैं, परंतु जनजागरूकता में कमी के कारण दुर्घटना कम नहीं हो रही। छात्रों ने डीसी से अनुमति मांगा है कि रात के अंधेरे में सड़कों पर विचरण करने वाले लावारिस गाय व बछड़ों के साथ-साथ अन्य पशुओं का रेस्क्यू कर उन्हें छात्रों द्वारा ही निजी खर्च पर बनाए गए अस्थाई पशु आश्रय गृह में रखकर देखभाल और सेवा का अधिकार देने की कृपा करें। छात्रों नें डीसी को अवगत कराया कि उनके द्वारा शहर से सटे धमनिया राइस मिल के समीप अस्थाई तौर पर पशु आश्रय गृह स्थापित किया गया है। जहां शहर से रेस्क्यू किए गए लावारिस पशुओं को रखकर उनका नियमित देखभाल और सेवा छात्रों के द्वारा ही किया जाएगा। डीसी से मुलाकात करने वाले छात्रों में अनुराग चाणक्य, विवेक कुमार, अंकित कुमार, गुलशन कुमार, अविनाश कुमार, बिट्टू कुमार, अतुल कुमार व गौतम कुमार समेत अन्य छात्र शामिल थे। छात्रों नें ज्ञापन की प्रतिलिपि एसपी और थाना प्रभारी को भी प्रेषित किया है।

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