एसआईआर और परिसीमन संवैधानिक प्रक्रिया, कांग्रेस की फितरत विरोध करनाः प्रतुल शाहदेव

Shashi Bhushan Kumar

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने महिला आरक्षण लागू करने के साथ प्रस्तावित परिसीमन पर अपनी राय दी और विपक्ष पर टिप्पणी की। वहीं, कांग्रेस नेता ने भी महिला आरक्षण पर अपनी बात रखी।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “परिसीमन एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। परिसीमन हमेशा होता रहता है। अब देश की जनसंख्या बढ़ गई है। इसलिए सत्ता में बैठे हमारे लोगों का मानना ​​है कि सीटों की संख्या बढ़ेगी। क्योंकि जब देश की जनसंख्या बहुत कम थी, तब लोकसभा में 543 सीटें थीं और राज्यसभा में 200 सीटें थीं। इसलिए जनसंख्या के साथ-साथ सीटें भी बढ़नी चाहिए। 2029 लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू करेंगे। लेकिन कांग्रेस की हमेशा न करने की आदत है। ये हर मुद्दे पर न ही कहते हैं।”

शाहदेव ने कहा, “चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। यह समय-समय पर एसआईआर जैसी प्रक्रिया आयोजित करता है। यह देश में छठी या सातवीं बार हो रहा है। ऐसा हमेशा होता रहता है। घुसपैठियों, मृत और डुप्लीकेट नाम को मतदाता सूची से हटाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। जो लोग फर्जी वोटरों के जरिए जीतते थे, उनको एसआईआर से दिक्कत है। “

इसके पहले प्रतुल शाहदेव ने कहा था, “जब यूपीए के शासन में महिला आरक्षण बिल पेश हुआ था तो अखिलेश यादव की पार्टी ने पहले भी दस्तावेज को फाड़ दिया था। सपा के सांसदों ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी भी की थी। अखिलेश यादव इस बिल पर अड़ंगा लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी तैयारी कर ली है। इस विधेयक को 2011 के जनगणना को आधार माना गया है। वर्तमान में चल रहे जनगणना का पूरा डाटा आने में अभी समय लगेगा। ऐसे में 2029 लोकसभा चुनाव के दौरान इस बिल को पेश करना ठीक नहीं होगा। इसलिए महिला विधेयक का सभी को स्वागत करना चाहिए।”

वहीं, महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा कहते हैं, “हम महिला आरक्षण के प्रबल समर्थक हैं। यह कांग्रेस पार्टी और स्वर्गीय राजीव गांधी की सोच का परिणाम था, यही उनका दृष्टिकोण और उनकी मानसिकता थी। आज शहरी और ग्रामीण दोनों स्थानीय निकायों में 14 लाख से अधिक महिलाओं का निर्वाचित होना कांग्रेस पार्टी के इस दृष्टिकोण का प्रमाण है।”

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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