सीजे रॉय सुसाइड केस में एसआईटी का खुलासा, आईटी रेड के दौरान डिप्रेशन बनी मौत की वजह

Shashi Bhushan Kumar

बेंगलुरु, कर्नाटक के चर्चित उद्योगपति और कॉन्फिडेंट ग्रुप के संस्थापक-चेयरमैन सीजे रॉय की आत्महत्या मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच पूरी कर ली है। जांच में निष्कर्ष निकाला गया है कि रॉय ने आयकर (आईटी) छापे के दौरान दबाव के कारण नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे डिप्रेशन के चलते खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने इस मामले की जांच एसआईटी को इसलिए सौंपी थी क्योंकि आरोप लगाए जा रहे थे कि आयकर अधिकारियों के दबाव के कारण रॉय ने आत्महत्या की। हालांकि, जांच में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जो बाहरी दबाव की पुष्टि करता हो।

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सीजे रॉय लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था। उन्होंने घटना से करीब एक महीने पहले दवाइयां लेनी बंद कर दी थी।

अधिकारियों का मानना है कि यही एक बड़ा कारण हो सकता है, जिसने उन्हें इस कदम के लिए मजबूर किया। हालांकि, उनके डिप्रेशन की असली वजह क्या थी, यह अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

बताया गया कि 30 जनवरी को बेंगलुरु स्थित उनके कार्यालय में आयकर विभाग की छापेमारी चल रही थी। उसी दौरान सीजे रॉय ने अपने प्रथम तल के केबिन में खुद को गोली मार ली। पुलिस के अनुसार, उस समय वह अपने कमरे में अकेले थे। गोली की आवाज सुनते ही आयकर अधिकारी अंदर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि छापे के दौरान करीब एक घंटे तक उनसे पूछताछ की गई थी और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को कहा गया था। एक सेट दस्तावेज देने के बाद वे अपने कमरे में लौटे और खुद को गोली मार ली।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रॉय पिछले कुछ महीनों से भारी वित्तीय दबाव में भी थे। उनके कारोबारी लेन-देन केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में थे, खासकर बड़े प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल हुए फंड के स्रोत को लेकर। निवेशकों का दबाव और टैक्स अधिकारियों की पूछताछ ने उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया था।

एसआईटी ने इन सभी पहलुओं (आयकर छापे की प्रक्रिया, वित्तीय रिकॉर्ड, परिवार के बयान और सहयोगियों की गवाही) का विस्तार से अध्ययन किया है। अब जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।

इस मामले पर कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने पहले कहा था कि जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। अब एसआईटी की रिपोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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