नई दिल्ली: एआई शिखर सम्मेलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां पुलिस संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र से शिवसेना के सांसद और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर टिप्पणी की है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने वक्तव्य में श्रीकांत शिंदे ने कहा कि हाल की घटनाओं से यह संदेश गया है कि राहुल गांधी न केवल अपनी पार्टी का प्रभावी संचालन करने में असमर्थ हैं, बल्कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियों को निभाने में भी चुनौती का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने लेखक मार्क ट्वेन के एक कथन का उल्लेख करते हुए यह संकेत दिया कि व्यक्तित्व और आचरण का सार्वजनिक जीवन में विशेष महत्व होता है।
श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक वैश्विक एआई सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जहां नवाचार, निवेश और तकनीकी प्रगति पर चर्चा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं, ऐसे समय में गंभीर मुद्दों के बजाय विरोध-प्रदर्शन को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यह अवसर भारत की तकनीकी और आर्थिक क्षमता को प्रदर्शित करने का था।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान नेतृत्व में भारत की छवि डिजिटल क्षेत्र में अग्रणी और तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत हुई है। उनके मुताबिक, देश वैश्विक मंचों पर आत्मविश्वास के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मजबूत और रचनात्मक विपक्ष आवश्यक होता है, लेकिन विपक्ष को वैकल्पिक दृष्टिकोण और समाधान प्रस्तुत करने पर ध्यान देना चाहिए।
अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने आशा जताई कि देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भविष्य में अधिक जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ अपनी भूमिका निभाएगी।

