ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कुट्टू का आटा खाने से कई लोग बीमार, अस्पताल में कराया गया भर्ती

Shashi Bhushan Kumar

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख इलाके में महाशिवरात्रि के बाद कुट्टू के आटे का सेवन करने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों को तुरंत पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है। कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक 15 फरवरी 2026 को बिसरख थाना क्षेत्र की हिमालय प्राइड, रॉयल कोर्ट और सुपरटेक इकोविलेज-3 सोसायटी के निवासियों ने महाशिवरात्रि का व्रत रखा था। व्रत खोलते समय उन्होंने सोसायटी परिसर की दुकानों से खरीदा गया कुट्टू का आटा खाया था।

रात के समय कई लोगों को उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत होने लगी। धीरे-धीरे अलग-अलग सोसायटियों से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती गई। परिजन मरीजों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मरीजों को निगरानी में रखा गया है और स्थिति नियंत्रण में है।

सूचना मिलते ही बिसरख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जिन दुकानों से आटा खरीदा गया था, उनकी पहचान कर एक विक्रेता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। खाद्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर संदिग्ध आटे के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

पुलिस का कहना है कि यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और पैकेजिंग की सावधानीपूर्वक जांच करने की अपील की है। घटना के बाद सोसायटी के निवासियों ने जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

Share This Article
शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Leave a Comment