पुलवामा हमले की सातवीं बरसी: देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि, परिवारों की आंखें अब भी नम

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली, Live 7 tv। वर्ष 2019 में 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर देशभर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। बरसी के मौके पर शहीदों के परिवारों ने अपने वीर सपूतों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

पंजाब के विभिन्न जिलों में शहीद जवानों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरदासपुर जिले के दीनानगर में सीआरपीएफ कांस्टेबल मनिंदर सिंह की शहादत की बरसी पर श्रद्धांजलि सभा हुई। इस अवसर पर न्यायिक और सैन्य अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मनिंदर सिंह के भाई लखविश सिंह अत्री ने उस दर्दनाक दिन को याद करते हुए बताया कि 14 फरवरी 2019 को ड्यूटी पर लौटते समय पुलवामा जिले में आतंकियों ने सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला किया था, जिसमें उनके भाई समेत 40 जवान शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि हमले से पहले घर के कामकाज को लेकर उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। शाम को समाचारों के माध्यम से हमले की जानकारी मिली। फोन संपर्क नहीं हो पाने से चिंता बढ़ गई और कुछ समय बाद शहादत की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि परिवार को गहरा दुख है, लेकिन देश के लिए दिए गए बलिदान पर गर्व भी है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि दोनों भाई एक साथ सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण के बाद उनकी अलग-अलग जगहों पर तैनाती हुई थी। मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्री ने कहा कि सात वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें ऐसा लगता है जैसे उनका बेटा अभी घर लौट आएगा। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई में होनहार था और आगे बढ़ने की इच्छा रखता था। नौकरी के साथ-साथ वह पढ़ाई भी कर रहा था।

मनिंदर सिंह की बहन शबनम अत्री ने कहा कि उनकी शहादत के बाद परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वह परिवार के हर सदस्य का ध्यान रखते थे और उनकी कमी आज भी हर पल महसूस होती है।

इसी तरह, श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र के रौली गांव निवासी कुलविंदर सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई। उनकी स्मृति में गांव में प्रतिमा स्थापित की गई है। उनके पिता दर्शन सिंह ने कहा कि 14 फरवरी उनके परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दिन है। उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत पर गर्व है, भले ही उसका दुख जीवन भर साथ रहेगा।

मोगा जिले में शहीद जयमल सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई। उनकी मां ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे की याद आज भी दिल को झकझोर देती है। परिवार ने कहा कि समय बीतने के बावजूद उस दिन की स्मृतियां आज भी ताजा हैं। शहीद की पत्नी ने मांग की कि जिस स्कूल में जयमल सिंह ने शिक्षा प्राप्त की थी, उसका नाम उनके नाम पर रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान को याद रख सकें।

पुलवामा हमले की बरसी पर देश ने एक बार फिर अपने वीर जवानों को नमन करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को स्मरण किया।

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Senior content producer, Live 7 tv
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