चेन्नई: तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी रहीं वी.के. शशिकला ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी सक्रिय राजनीतिक वापसी के संकेत दिए हैं। जानकारी के अनुसार, वह राज्य के चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों में अपने समर्थित उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में फिर से अपनी पहचान मजबूत कर सकें।
सूत्रों का कहना है कि शशिकला विशेष रूप से दक्षिणी तमिलनाडु और थेवर बहुल क्षेत्रों में अपनी पकड़ को परखना चाहती हैं, जहां अब भी उनके प्रति समर्थन माना जाता है। संभावना जताई जा रही है कि उनके समर्थक 2018 में उनके भाई वी.के. दिवाकरन द्वारा गठित अन्ना द्रविड़ कजगम के बैनर तले चुनाव लड़ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम तमिलनाडु की बदलती सियासी तस्वीर में खुद के लिए स्वतंत्र स्थान बनाने की रणनीति का हिस्सा है। शशिकला फिलहाल जमीनी स्तर पर समर्थन का आकलन करने के लिए अपने वफादार कार्यकर्ताओं और पूर्व पार्टी पदाधिकारियों से लगातार बैठकें कर रही हैं। इसी क्रम में, वह फरवरी के दूसरे सप्ताह में कल्लकुरुची जिले में एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की योजना बना रही हैं, ताकि अपने समर्थकों को संगठित कर सकें और अपनी राजनीतिक सक्रियता का संदेश दे सकें।
उनके आगामी राजनीतिक रुख को लेकर आधिकारिक घोषणा 24 फरवरी को होने की उम्मीद है, जो दिवंगत नेता जे. जयललिता की जयंती के साथ मेल खाती है। यह तारीख उनके समर्थकों के लिए भावनात्मक और प्रतीकात्मक महत्व रखती है। जानकारों का मानना है कि इस दिन घोषणा कर शशिकला जयललिता की विरासत को याद दिलाना चाहती हैं और एआईएडीएमके के पुराने कार्यकर्ताओं से फिर जुड़ने का प्रयास कर रही हैं।
गौरतलब है कि शशिकला कभी एआईएडीएमके की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थीं और 2016 में जयललिता के निधन के बाद कुछ समय के लिए पार्टी की अंतरिम महासचिव भी रहीं। हालांकि, आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें चार साल की जेल हुई और बाद में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
वर्तमान एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि शशिकला की पार्टी में वापसी की कोई संभावना नहीं है।

