झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों से बढ़ी हिंसा, कई जिलों में निर्दोष लोग बने भीड़ का शिकार

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाहों ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। बीते पांच दिनों में एक दर्जन से अधिक मामलों में संदेह के आधार पर लोगों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगहों पर निर्दोष नागरिक भीड़ के गुस्से का निशाना बने हैं।

राजधानी रांची के एदलहातु इलाके में गुरुवार को महज शक के आधार पर दो महिलाओं और एक पुरुष को घेरकर पीट दिया गया। बताया गया कि वे ऑटो से एक बच्चे के साथ जा रहे थे और बच्चे के रोने पर किसी ने बच्चा चोरी की आशंका जता दी। देखते ही देखते भीड़ जुट गई और बिना पुष्टि किए हमला कर दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीनों को सुरक्षित निकाला गया। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि नहीं हुई है।

अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाएं दर्ज की गई हैं। धनबाद, चतरा, जमशेदपुर, जामताड़ा, गिरिडीह, रामगढ़, लातेहार और बोकारो में अफवाहों के कारण लोगों को पीटे जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

चतरा जिले के पिपरवार क्षेत्र में कुछ दिन पहले संदेह के आधार पर एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था। धनबाद और बोकारो में भी महिलाओं पर हमला किए जाने की घटनाएं हुईं, जहां पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

झारखंड पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता जांचें और कानून अपने हाथ में न लें। संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से सावधान रहने की भी चेतावनी दी है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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