हटिया रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन “नार्कोस” के तहत की गई इस कार्रवाई में आरपीएफ पोस्ट हटिया और फ्लाइंग टीम रांची ने संयुक्त अभियान चलाते हुए 16 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में दो युवकों को पकड़ा गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
आरपीएफ रांची मंडल के कमांडेंट श्री पवन कुमार के निर्देश पर रेल सुरक्षा बल द्वारा लगातार सतर्कता और मुस्तैदी के साथ जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 15 जनवरी 2026 को हटिया रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान पुरी–हटिया एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 18452) के आगमन के बाद प्लेटफॉर्म संख्या 01 स्थित पार्सल कार्यालय के पास दो युवक पिट्ठू बैग के साथ बैठे पाए गए। उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं और दोनों भयभीत अवस्था में नजर आ रहे थे।
संदेह के आधार पर जब आरपीएफ जवानों ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपना नाम मंटू मलिक उर्फ मनोरंजन मलिक (उम्र लगभग 18 वर्ष), निवासी संबलपुर (ओडिशा) और आलोक डिगल (उम्र लगभग 17 वर्ष), निवासी कंधमाल (ओडिशा) बताया। पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि उनके बैग में गांजा मौजूद है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ रांची श्री अशोक कुमार सिंह को सूचना दी गई। वे मौके पर पहुंचे और उनके निर्देशानुसार सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए दोनों युवकों के बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रत्येक बैग से 8-8 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस तरह कुल 16 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। परीक्षण किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ गांजा ही पाया गया।
इसके अलावा आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और एक रेलवे ई-टिकट भी बरामद की गई, जिन्हें विधिवत जब्त कर सील कर दिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों और जब्त सामग्री को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपीएस हटिया को सौंप दिया गया। जीआरपीएस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
इस सफल अभियान में आरपीएफ पोस्ट हटिया के निरीक्षक श्री रूपेश कुमार, उप निरीक्षक दीपक कुमार, उप निरीक्षक सूरज राजवंशी, स्टाफ रजत और बसंत सोय के साथ फ्लाइंग टीम रांची के स्टाफ हेमंत की अहम भूमिका रही। आरपीएफ की इस कार्रवाई से रेलवे के माध्यम से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बार फिर बड़ा प्रहार हुआ है।

