कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) 25 फरवरी को व्हिसलब्लोअर रहे अख्तर अली के विरुद्ध आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस संबंध में एजेंसी ने अलीपुर स्थित सीबीआई अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है।
सीबीआई के अनुसार, निर्धारित तिथि पर अख्तर अली को न्यायालय में उपस्थित रहना होगा। बताया जा रहा है कि इसी दिन शशिकांत चांडक के खिलाफ भी आरोप तय किए जा सकते हैं।
हालांकि जांच को पहले मौखिक रूप से पूर्ण बताया गया था, लेकिन मामले में दायर पूरक आरोपपत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) से संकेत मिलता है कि आवश्यकता पड़ने पर जांच को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। एजेंसी फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है।
उल्लेखनीय है कि जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर डॉक्टर से जुड़े जघन्य आपराधिक मामले की व्यापक चर्चा हो रही थी, उसी दौरान अस्पताल के पूर्व डिप्टी सुपरिटेंडेंट अख्तर अली ने संस्थान में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए मामला उठाया था। तत्कालीन प्राचार्य संदीप घोष के खिलाफ जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद अदालत के निर्देश पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान सीबीआई ने संदीप घोष और उनसे जुड़े कुछ कारोबारियों को गिरफ्तार किया। बाद में एजेंसी ने दावा किया कि अख्तर अली की भी कथित वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्तता सामने आई है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया।
एजेंसी ने अदालत में यह भी कहा कि जांच के दौरान अख्तर अली को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। साथ ही, सीबीआई ने आरोप लगाया कि वे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे थे।
इसके बाद न्यायालय के निर्देश पर अख्तर अली ने आत्मसमर्पण किया और उन्हें 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया। निर्धारित अवधि पूरी होने पर उन्हें पुनः अदालत में पेश किया गया। हालांकि, हालिया सुनवाई में उन्होंने जमानत याचिका दायर नहीं की।
सीबीआई द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र में यह भी संकेत दिया गया है कि यदि आवश्यक हुआ तो मामले की जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है।

