RANCHI
रांची, झारखंड: झारखंड पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। डोरंडा थाना की प्रभारी दीपिका प्रसाद के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में रांची जिले के पुलिसकर्मियों ने तीन दिन तक काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने का निर्णय लिया है। यह विरोध 28 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन, रांची जिला शाखा ने बयान जारी कर इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे केवल महिला अधिकारी के सम्मान के खिलाफ ही नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग की गरिमा के खिलाफ बताया।
मामला क्या है
अधिवक्ता मनोज टंडन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कार के बोनट पर एक व्यक्ति को घसीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और वाहन जब्त कर लिया। पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि वाहन को छुड़ाने के लिए थाना प्रभारी पर दबाव डाला गया।
जब प्रभारी दीपिका प्रसाद हाईकोर्ट पहुँचीं, तो वहां मौजूद कुछ अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर लिया और कथित रूप से अभद्र भाषा, धमकियाँ और वर्दी उतरवाने की कोशिश की। एसोसिएशन ने इसे न्यायालय जैसी गरिमामयी जगह पर अस्वीकार्य व्यवहार बताया।
आपातकालीन बैठक में पुलिसकर्मियों ने सर्वसम्मति से शांतिपूर्ण विरोध करने का निर्णय लिया।
काला बिल्ला लगाकर विरोध
निर्णय के तहत रांची जिले के सभी पुलिसकर्मी तीन दिनों तक काला बिल्ला लगाकर अपनी ड्यूटी निभाएंगे। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि विरोध शांतिपूर्ण होगा, लेकिन पुलिस सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा।
वहीं, शुक्रवार देर शाम आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अधिवक्ता की जब्त कार को डोरंडा थाने से मुक्त कर दिया गया।

