RTE के तहत निजी स्कूलों में 25% आरक्षण की प्रक्रिया शुरू, लॉटरी से होगा चयन

Shashi Bhushan Kumar

रांची जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई का अवसर देने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल के तहत निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं।

जिले के CBSE, ICSE तथा अन्य मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और कक्षा-1 में कुल 1176 सीटें आरक्षित हैं। यह सुविधा बीपीएल परिवारों (वार्षिक आय ₹72,000 से कम), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए उपलब्ध है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रैंडमाइज्ड लॉटरी सिस्टम के माध्यम से पूरी की जाएगी। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तिथियां (सत्र 2026-27)

  • ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ: 16 फरवरी 2026
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 15 मार्च 2026
  • दस्तावेज़ सत्यापन: 16 मार्च से 25 मार्च 2026
  • लॉटरी द्वारा चयन सूची (संभावित): 28 मार्च 2026
  • प्रथम चरण नामांकन: 31 मार्च से 10 अप्रैल 2026

सभी आवेदन आधिकारिक वेबसाइट www.rteranchi.in पर ऑनलाइन भरे जाएंगे। अभिभावकों की सुविधा के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है।

आवेदन करते समय जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा (यदि लागू हो) दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। अपूर्ण या गलत दस्तावेज़ पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने सभी पात्र अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को मुख्यधारा की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य पूरा हो सके।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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