नई दिल्ली। LPG गैस सिलेंडर की कीमतों और आपूर्ति को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने राहुल गांधी को “वोकेशनल लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा” बताते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय “पिकनिक मनाना” है।
मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति का मकसद देश की समस्याओं का समाधान ढूंढ़ना नहीं, बल्कि प्रचार और सुर्खियां बटोरना है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को न गरीबों की चिंता है और न ही देश की। पूरा देश उन्हें अच्छी तरह पहचानता है। उनका मकसद केवल पिकनिक मनाना और राजनीतिक प्रचार करना है।”
एलपीजी गैस को लेकर संसद और सड़कों पर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के निर्माण, जलविद्युत परियोजनाओं के विस्तार, रेलवे के विद्युतीकरण और कोयला गैसीकरण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल को छोड़ दिया जाए तो 1974 से लेकर 2014 तक के लंबे समय में कांग्रेस ने ऊर्जा क्षेत्र में ठोस काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1970 में एक समिति बनाई गई थी और 1974 में उसकी रिपोर्ट तैयार हो गई थी, लेकिन उसके बाद कांग्रेस सरकारों ने केवल रिपोर्ट तैयार कर दी और उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
इस मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने भी विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं हैं और वह केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। अरुण भारती ने कहा कि सरकार विभिन्न माध्यमों से यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में तेल और एलपीजी की आपूर्ति सुचारु बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने लोगों से घबराने की आवश्यकता नहीं होने की बात भी कही। उनके अनुसार, सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अरुण भारती ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल छोटे-छोटे मुद्दों को बड़ा बनाकर जनता में भ्रम और डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहा है, ताकि अपने नेताओं को सुर्खियों में रखा जा सके।
सांसद ने यह भी कहा कि संसद में विपक्ष का काम सरकार की नीतियों और फैसलों पर रचनात्मक बहस करना है। हालांकि, उनका आरोप है कि विपक्ष अक्सर सदन के वेल में आकर हंगामा करता है और प्रश्नकाल तथा शून्यकाल को भी चलने नहीं देता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिपक्वता के साथ बहस जरूरी है और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इस दिशा में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

