नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2025 के विजयनगरम आईएसआईएस आतंकी साजिश मामले में दो और आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से एक आरोपी फिलहाल फरार बताया गया है।
एजेंसी ने विशाखापत्तनम स्थित विशेष एनआईए अदालत में दायर चार्जशीट में आरिफ हुसैन उर्फ अबू तालिब और इमरान अकरम को नामजद किया है। दोनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 तथा आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
मामला पहले विजयनगरम पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जहां सिराज उर रहमान और सैयद समीर की गिरफ्तारी हुई थी। बाद में एनआईए ने जांच अपने हाथ में लेकर नवंबर 2025 में दोनों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
जांच के दौरान सामने आया कि फरार आरोपी इमरान अकरम ने कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री की खरीद के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई थी। वहीं आरिफ हुसैन को 27 अगस्त 2025 को नई दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था, जब वह देश छोड़ने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, वह हथियारों की आपूर्ति और साजिश से जुड़े गतिविधियों में शामिल था तथा सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था।
इसी क्रम में बिहार से जुड़े एक अन्य मामले में भी एनआईए ने कार्रवाई की है। वर्ष 2024 के एके-47 जब्ती प्रकरण में पांचवें मुख्य आरोपी मंजूर खान के खिलाफ पटना स्थित विशेष एनआईए अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की गई है। जांच के अनुसार, वह प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था।
इससे पहले मई 2025 में एजेंसी ने अन्य चार आरोपियों के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया था। संबंधित मामला बिहार पुलिस द्वारा एके-47 राइफल और उसके उपकरण की बरामदगी के बाद दर्ज किया गया था।
एनआईए इस पूरे प्रकरण में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति के पीछे किस स्तर की साजिश सक्रिय थी।

