डुमरिया प्रखंड के सुदूर गांवों में मलेरिया जांच अभियान शुरू, चार लोग संक्रमित पाए गए

Ravikant Upadhyay

पूर्वी सिंहभूम। डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती चाम्बुचटानी, रानीझरना और सुनूडुर टोलो में मलेरिया जांच अभियान शुरू किया गया। आमदा सीएचसी की ओर से यह विशेष स्वास्थ्य अभियान जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाया गया। अभियान का नेतृत्व जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धवड़िया ने किया, जिसमें चिकित्सक डॉ. सुजीत झा और एमपीडब्ल्यू की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। DC कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मलेरिया के संक्रमण पर काबू पाना है। अभियान के दौरान दर्जन भर से अधिक संदिग्ध मलेरिया पीड़ित लोगों के खून के नमूने लिए गए। प्रारंभिक जांच में चार लोगों में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई। बाकी सभी नमूनों को संग्रहित कर, विश्लेषण के लिए लैब भेजा गया।

मलेरिया संक्रमित लोगों को तुरंत आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गई और उनका इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धवड़िया ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक टीम गांवों में कैंप लगाएगी और सभी ग्रामीणों की जांच की जाएगी। उनका कहना है कि यह अभियान मलेरिया को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डुमरिया प्रखंड के ये गांव सीएचसी से लगभग 16 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित हैं और उड़ीसा की सीमा के पास आते हैं। भौगोलिक रूप से कठिन होने के कारण इन गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रही है। इसलिए, स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह अभियान विशेष रूप से सुदूरवर्ती गांवों को ध्यान में रखकर चलाया है।

डॉ. मृत्युंजय धवड़िया ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि मलेरिया संक्रमण को स्थानीय स्तर पर नियंत्रित किया जाए। ग्रामीणों को स्वास्थ्य जागरूकता देना और समय पर जांच सुनिश्चित करना इस अभियान की प्राथमिकता है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी संदिग्ध और संक्रमित लोगों का उपचार समय पर हो।” इस अभियान के तहत, टीम न केवल मलेरिया की जांच कर रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई के उपायों के बारे में भी जानकारी दे रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी बुखार, ठंड लगने या अन्य मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र संपर्क करें।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नियमित जांच और समय पर उपचार मलेरिया के फैलाव को रोकने में सहायक होगा। इस अभियान से ग्रामीणों में स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और मलेरिया पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। डुमरिया प्रखंड के सुदूर गांवों में यह विशेष स्वास्थ्य अभियान मलेरिया उन्मूलन के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर ग्रामीणों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने के प्रयास में लगे हैं।

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