गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में चलाए गए संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस और सीआरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने तीन दिन तक चले ऑपरेशन में सात हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों में संगठन के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता शामिल बताए जा रहे हैं।
इनमें गढ़चिरौली डिविजनल कमेटी प्रभारी, पश्चिम सब-जोनल ब्यूरो प्रभारी और कंपनी नंबर-10 के प्रभारी प्रभाकर जैसे शीर्ष कैडर के माओवादी शामिल थे।
अभियान के दौरान विशेष अभियान पथक (सी-60) के जवान दीपक चिन्ना मडावी शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान जोगा मडावी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
यह ऑपरेशन गढ़चिरौली-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) सीमा से लगे घने जंगलों में तीन दिन तक चला। 3 फरवरी को खुफिया जानकारी मिली थी कि माओवादी किसी बड़ी हिंसक वारदात की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उपविभागीय पुलिस अधिकारी अमर मोहिते के नेतृत्व में सी-60 की 14 टुकड़ियां जंगल में भेजी गईं।
4 फरवरी को तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका सुरक्षा बलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। इस दौरान दो माओवादी ठिकाने नष्ट किए गए, लेकिन घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तुरंत व्यापक तलाशी संभव नहीं हो सकी।
5 फरवरी को अभियान और तेज किया गया। सी-60 की चार अतिरिक्त टुकड़ियां और सीआरपीएफ की एक क्यूएटी टीम को शामिल किया गया। उसी दिन हुई मुठभेड़ में तीन माओवादियों के शव बरामद हुए, जिनके पास से एक एके-47 और एक एसएलआर राइफल मिली।
6 फरवरी को हुई एक और मुठभेड़ में चार अन्य माओवादी मारे गए। इस तरह कुल सात नक्सलियों को ढेर किया गया। इन सभी पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से कुल 71 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिनमें तीन एके-47 राइफल, एक एसएलआर, एक .303 राइफल, 173 कारतूस, तीन बीजीएल, सात मैगजीन, कॉर्टेक्स वायर, जिलेटिन स्टिक और माओवादी साहित्य शामिल हैं।
मारे गए नक्सलियों में सबसे प्रमुख नाम प्रभाकर उर्फ रवी उर्फ प्रकालवीर उर्फ स्वामी उर्फ लोकेती चंदरराव का था। 57 वर्षीय प्रभाकर तेलंगाना के कामारेड्डी जिले का निवासी था और उस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। उसके खिलाफ 113 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके साथ पागु मोडाम, अनिला उर्फ बुदरी कोवाची, कामेश पदा, भजनाथ उर्फ भिमा होळी, मंगली कुरसाम और जोगी सोढ़ी-मडावी भी मारे गए।
शहीद जवान दीपक चिन्ना मडावी को 6 फरवरी को गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई।
अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष अभियान) डॉ. छेरिंग दोरजे, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटील, आईजी अंकित गोयल, सीआरपीएफ डीआईजी अजय कुमार शर्मा और एसपी नीलोत्पल के मार्गदर्शन में किया गया।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से अब तक गढ़चिरौली में 99 माओवादी मारे जा चुके हैं, 140 गिरफ्तार हुए हैं और 153 ने आत्मसमर्पण किया है।

