RANCHI
झारखंड में सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ी संभावना बनती दिख रही है। राज्य के विभिन्न विभागों में स्वीकृत 3,51,968 पदों में से 1,64,358 पद रिक्त हैं, यानी करीब 46 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। फिलहाल 1,87,610 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में नए वित्तीय वर्ष में बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की उम्मीद जताई जा रही है। रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और गृह विभाग में सबसे ज्यादा खाली पद
वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और गृह विभाग में सर्वाधिक पद रिक्त हैं। इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और कानून-व्यवस्था पर पड़ रहा है।
- गृह विभाग: 1,04,286 स्वीकृत पदों में से 30,985 पद रिक्त हैं।
- शिक्षा विभाग: माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षा मिलाकर 1,10,079 स्वीकृत पदों में 52,090 पद खाली हैं।
- राजस्व विभाग: 10,819 स्वीकृत पदों में 4,500 पद रिक्त हैं।
- स्वास्थ्य विभाग: 35,980 स्वीकृत पदों में से केवल 9,856 पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं।
शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली होने से ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में सीमित शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही है। वहीं राजस्व विभाग में कमी के कारण दाखिल-खारिज और जमीन विवाद के मामलों में लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अन्य विभागों में भी बड़ी कमी
कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पर्यटन, तकनीकी शिक्षा, पथ निर्माण, आईटी, योजना, वाणिज्य कर, खाद्य आपूर्ति, श्रम और खान जैसे कई विभागों में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
कुछ विभागों की स्थिति संतोषजनक
दूसरी ओर, झारखंड विधानसभा, झारखंड उच्च न्यायालय और राज्यपाल सचिवालय में अधिकांश पद भरे हुए हैं। ऊर्जा और वित्त ऑडिट जैसे विभागों में भी सभी स्वीकृत पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
करीब 1.64 लाख पदों का रिक्त होना राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। यदि चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होती है तो बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिल सकता है।

