रांची। झारखंड सरकार ने किसानों को बड़ा राहत पैकेज देते हुए घोषणा की है कि अब धान की बिक्री पर भुगतान एकमुश्त किया जाएगा। इससे किसानों को किस्तों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी ने रजत जयंती कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 2,369 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ 100 रुपये का अतिरिक्त बोनस देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम किसानों को बिचौलियों की पकड़ से मुक्त करने और उन्हें सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मंत्री ने कहा, “किसानों को अब भुगतान के लिए लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। पूरी राशि सीधे उनके बैंक खाते में एक साथ ट्रांसफर की जाएगी।” उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीद से जुड़ा प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। झारखंड सरकार ने जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य से धान की अवैध निकासी पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि इस बार धान खरीद प्रक्रिया 15 दिसंबर से पहले शुरू कर दी जाएगी। राज्य में अगले 10–15 दिनों में धान कटनी पूरी होने की संभावना है, इसलिए खरीद और भुगतान दोनों प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय कर दिया गया है।
विशेष निगरानी तंत्र का उद्देश्य बाहरी राज्यों के बिचौलियों को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि धान की खरीद और भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और समय पर हो। इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में हर संभव कदम उठा रही है ताकि उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें सीधे मिले। किसानों के लिए यह फैसला विशेष महत्व रखता है क्योंकि पहले उन्हें धान की बिक्री पर भुगतान कई किश्तों में मिलता था। इससे किसान आर्थिक रूप से असुरक्षित रहते थे और बिचौलियों की पकड़ में फंस जाते थे। अब एकमुश्त भुगतान से उन्हें तात्कालिक आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी जीवनशैली में सुधार आएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस बार का पैकेज न केवल आर्थिक राहत देगा बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनने और अपनी फसल का पूरा मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से झारखंड में कृषि क्षेत्र मजबूत होगा और किसान सीधे सरकार से लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा और कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में भी वृद्धि होने की संभावना है। झारखंड सरकार ने किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और लाभकारी कदम उठाया है, जो सीधे उनकी जेब तक पहुंचेगा और बिचौलियों की भूमिका को सीमित करेगा। इस कदम को राज्य में कृषि सुधार और किसानों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

