झारखंड: आतंकी, हथियार और उगाही मामले में 6 पीएलएफआई सदस्यों को 10-10 साल की सजा

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड से जुड़े आतंकी, अवैध हथियार और उगाही मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) से जुड़े छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

यह फैसला रांची स्थित NIA की विशेष अदालत द्वारा सुनाया गया। अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी। जिन लोगों को सजा हुई है, उनमें गुलाब कुमार यादव, रवि यादव, राकेश कुमार पासवान, पवन कुमार यादव, संतोष यादव और सुरेश यादव शामिल हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, सभी आरोपी संगठन के सक्रिय सदस्य थे और उग्रवादी गतिविधियों, जबरन वसूली, नए सदस्यों की भर्ती और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि संगठन के माध्यम से अवैध हथियार जुटाए जा रहे थे और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि संतोष यादव संगठन में सब-जोनल स्तर पर सक्रिय था और भर्ती व संचालन में अहम भूमिका निभाता था। वहीं सुरेश यादव ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में हथियार और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट देने का काम करता था।

यह मामला दिसंबर 2018 में लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के तितिर महुआ जंगल में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद दर्ज किया गया था। खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से विदेशी राइफल, बड़ी मात्रा में गोलियां, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे।

बाद में जून 2019 में NIA ने यह मामला अपने हाथ में लिया और फरवरी 2020 में सभी छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह साबित किया कि आरोपी संगठित आतंकी गतिविधियों, हथियारों की खरीद और उगाही नेटवर्क चलाने में सक्रिय रूप से शामिल थे।

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