जमुई रेल हादसा: दो दिन बाद भी सामान्य नहीं हो सका जसीडीह–झाझा रेलखंड

Ravikant Upadhyay

जमुई जिले में कल देर रात सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के बेपटरी हो जाने के बाद आज दूसरे दिन भी जसीडीह–झाझा रेलखंड पर रेल परिचालन पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है। इस दुर्घटना के कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के ताजा अपडेट के अनुसार, आज कुल 14 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 60 से अधिक ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर बेपटरी हुए मालगाड़ी के डिब्बों और सीमेंट के मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। मौके पर भारी क्रेन, राहत ट्रेनें और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, बेपटरी के कारण ट्रैक के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिसकी मरम्मत और सुरक्षा जांच के बाद ही रेल परिचालन को पूरी तरह बहाल किया जा सकेगा। इसी वजह से पूरे दिन इस रेलखंड पर सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना जताई गई है।

जसीडीह–झाझा रेलखंड देश के महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक है, जिसका उपयोग हावड़ा–दिल्ली और पटना–कोलकाता रूट की कई राजधानी, सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों द्वारा किया जाता है। इस मार्ग पर अवरोध उत्पन्न होने से इन ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों की यात्रा अवधि कई घंटों तक बढ़ गई है और अनेक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर ट्रैक पर पलट गए थे, जिससे दोनों लाइनें पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। इसके बावजूद, इस दुर्घटना ने रेल नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर दिया है और परिचालन को संतुलित करने में समय लग रहा है।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने सलाह दी है कि यात्री स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनके यात्रियों के लिए टिकट रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, वहीं कुछ मामलों में वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था भी की जा रही है। रेलवे का कहना है कि ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा, लेकिन तब तक यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन और रेलवे विभाग मिलकर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा, रेल सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से सामान्य कर दिया जाएगा। तब तक यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और रेलवे द्वारा जारी सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की गई है।

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