नई दिल्ली: अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी OpenAI ने कहा है कि तकनीकी कार्यों के लिए ChatGPT के उपयोग में भारत वैश्विक औसत से काफी आगे है। कंपनी के अनुसार, भारत में डेटा विश्लेषण से जुड़े उपयोग का स्तर वैश्विक औसत की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है, जबकि कोडिंग के लिए कोडेक्स का उपयोग करीब तीन गुना ज्यादा दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय उपयोगकर्ता वैश्विक औसत की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक कोडिंग से जुड़े प्रश्न पूछते हैं और शिक्षा व सीखने से संबंधित लगभग दोगुने सवाल करते हैं।
कार्यस्थल पर एआई का उपयोग भी भारत में अपेक्षाकृत अधिक है। यहां लगभग 35 प्रतिशत उपयोग पेशेवर कार्यों से संबंधित है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 30 प्रतिशत है। कार्यालयों में एआई का उपयोग मुख्य रूप से प्रारूप तैयार करने और संपादन, तकनीकी सहायता, त्रुटि सुधार तथा कार्य दक्षता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
कार्यालय के बाहर भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लगभग 35 प्रतिशत संदेश व्यावहारिक मार्गदर्शन से जुड़े होते हैं, जबकि लगभग 20-20 प्रतिशत संदेश सामान्य जानकारी और लेखन कार्यों से संबंधित पाए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि एआई सीखने, निर्णय लेने और व्यक्तिगत उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कंपनी के मुख्य अर्थशास्त्री रॉनी चटर्जी ने कहा कि एआई को अपनाने की गति इतनी तेज है कि उसका सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उनके अनुसार, वास्तविक आंकड़ों के आधार पर एआई पर चर्चा होना आवश्यक है।
आंकड़ों के अनुसार, एआई का उपयोग विशेष रूप से युवा वर्ग में अधिक केंद्रित है। 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग के उपयोगकर्ता कुल संदेशों का लगभग आधा हिस्सा भेजते हैं, जबकि 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग उपभोक्ता संदेशों का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा है।
भौगोलिक दृष्टि से देखें तो कोडिंग क्षमताओं का सबसे अधिक उपयोग तेलंगाना में दर्ज किया गया है, इसके बाद कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान है।
भारत में चैटजीपीटी के साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही भारत अमेरिका के बाहर चैटजीपीटी का सबसे बड़ा बाजार बन गया है और कोडेक्स के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है।

