झारखंड के सभी जिलों में सदर अस्पतालों को मिलेंगे चार-चार मोक्ष वाहन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का ऐलान

Ravikant Upadhyay

रांची। झारखंड में आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और उससे जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक अहम निर्णय की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्थित सदर अस्पतालों को चार-चार मोक्ष वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस निर्णय से मृतकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार में परिजनों को होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अक्सर देखने में आता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव को श्मशान या कब्रिस्तान तक ले जाने में परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार संसाधनों के अभाव में उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है, जो मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत पीड़ादायक है। सरकार का प्रयास है कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों को सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। योजना के तहत सभी जिलों में मोक्ष वाहनों की खरीद और तैनाती की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द से जल्द सभी जिलों में यह सुविधा शुरू की जाए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने चाईबासा में हाल ही में सामने आई एक घटना को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाई गई थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित बच्चा चार वर्ष का नहीं, बल्कि मात्र चार माह का था। मंत्री ने बताया कि उस समय परिजन स्वयं बच्चे के शव को लेकर चले गए थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना स्थल पर दो मोक्ष वाहन मौजूद थे। इनमें से एक वाहन तकनीकी खराबी के कारण उपयोग में नहीं था, जबकि दूसरा वाहन कुछ ही समय में मौके पर पहुंचने वाला था। इसके बावजूद गलत तथ्यों को फैलाकर स्वास्थ्य विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। मोक्ष वाहनों की संख्या बढ़ाने का निर्णय इसी का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को केवल इलाज तक सीमित न रखकर, हर परिस्थिति में आम जनता को सम्मान, संवेदनशीलता और सुविधा प्रदान करना है।

उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में इस व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोक्ष वाहन समय पर उपलब्ध हों और जरूरतमंद परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है और आगे भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

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