गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक गिरिडीह डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर जिले की साइबर पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 29 दिसंबर को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसके बाद साइबर थाना गिरिडीह में कांड संख्या 43/2025 दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांडेय थाना क्षेत्र के कठौतिया गांव सहित देवघर जिले के विभिन्न इलाकों से साइबर अपराधी सक्रिय होकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान खुशबिंद अंसारी, आलमगीर अंसारी और मो. सरफराज अंसारी के रूप में हुई है। तीनों आरोपी देवघर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड, 2 मोटरसाइकिल, 2 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 ड्राइविंग लाइसेंस सहित कई अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गूगल सर्च इंजन पर फर्जी मोबाइल नंबर डालते थे और खुद को विभिन्न नामी कंपनियों व सेवाओं का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। जब कोई व्यक्ति इन फर्जी नंबरों पर कॉल करता था, तो आरोपी खुद को फोनपे, पेटीएम, सैमसंग सर्विस, एसी सर्विस या अन्य तकनीकी सेवाओं से जुड़ा अधिकारी बताकर विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड ब्लॉक कराने, डेबिट कार्ड अपडेट करने या फर्जी एपीके फाइल डाउनलोड कराने के नाम पर पीड़ितों से गोपनीय जानकारी हासिल कर उनके खातों से पैसे उड़ा लेते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मो. सरफराज अंसारी ने अब तक साइबर ठगी के जरिए करीब 60 लाख रुपये की अवैध कमाई की है, जबकि आलमगीर अंसारी द्वारा लगभग 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मो. सरफराज अंसारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ और झारखंड के विभिन्न थानों में पहले से भी साइबर अपराध के कई मामले दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना गिरिडीह के पदाधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, फर्जी कस्टमर केयर नंबर या संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

