नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और दिल्ली स्थित अपने आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन की पुष्टि की और शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट प्रशासन ने एक अनुभवी और दूरदर्शी व्यक्तित्व को खो दिया है।
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा वर्ष 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) का नेतृत्व किया और क्षेत्रीय क्रिकेट ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्रिकेट प्रशासन में उनके योगदान के सम्मान स्वरूप वर्ष 2015 में मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम का नाम उनके नाम पर ‘आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम’ रखा गया।
उन्होंने जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर 1990 के दशक में भारतीय क्रिकेट को वैश्विक मंच पर मजबूती दिलाने में अहम योगदान दिया।
बिंद्रा उन शुरुआती प्रशासकों में रहे जिन्होंने टेलीविजन अधिकारों और निजी प्रसारण की व्यावसायिक संभावनाओं को पहचाना, जिससे क्रिकेट की आर्थिक संरचना में बड़ा बदलाव आया और भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव तेजी से बढ़ा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने आईसीसी को भारत में बड़े टूर्नामेंट आयोजित कराने में निर्णायक भूमिका निभाई और बाद में आईसीसी के प्रमुख सलाहकारों में शामिल रहे।
प्रशासनिक भूमिका के साथ-साथ वे अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते थे और आईपीएल 2013 से जुड़े विवादों पर पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग को लेकर उन्होंने खुलकर आवाज उठाई थी।
उनके निधन से भारतीय क्रिकेट प्रशासन ने एक सशक्त स्तंभ खो दिया है। क्रिकेट जगत ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

