पाकुड़ जेल में महिला कैदी ने किया सुसाइड, पति की हत्या का था आरोप

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड के पाकुड़ जिले के मंडल जेल में विचाराधीन कैदी संझली हेम्ब्रम ने गुरूवार को सुसाइड कर ली। संझली पर हत्या का मामला नगर थाने में दर्ज था। पुलिस ने बीते 17 फरवरी को संझली को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
पाकुड़ जेल में महिला कैदी ने किया सुसाइड, पति की हत्या का था आरोप
झारखंड के पाकुड़ जिले के मंडल जेल में विचाराधीन कैदी संझली हेम्ब्रम ने गुरूवार को सुसाइड कर ली। संझली पर हत्या का मामला नगर थाने में दर्ज था। पुलिस ने बीते 17 फरवरी को संझली को न्यायिक हिरासत में भेजा था। मिली जानकारी के मुताबिक हत्यारोपी संझली ने मंडल जेल के बाथरूम में सुसाइड किया है। संझली को उसके पति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

जैसे ही जेल प्रशासन को इसकी जानकारी मिली आनन फानन में संझली को सदर अस्पताल जांच के लिए ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर मामले की जानकारी मिलते ही डीसी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी, एसडीओ साइमन मरांडी, जिला जेल पहुंचे।

अधिकारियों ने की पूछताछ
अधिकारियों द्वारा कारा प्रशासन से जुड़े अधिकारियों, कर्मियो के अलावे कई विचाराधीन कैदियों से भी घटना को लेकर आवश्यक पुछताछ की है। जांचोपरांत एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि विचाराधीन कैदी संझली के सुसाइड के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

जेल की सुरक्षा पर खडे़ हुए सवाल
मंडलकारा के बाथरूम में विचाराधीन महिला कैदी संझली द्वारा किए गए सुसाइड को लेकर जेल की सुरक्षा पर कई तरह के सवाल खड़ा हो रहे है। चर्चा यह भी है कि मंडलकारा सीसीटीवी कैमरा लगे रहने और जवानों और जेलर सहित काराधीक्षक की ड्यूटी रहने के बावजुद एक महिला कैदी ने आखिर सुसाइड कैसे कर लिया। विचाराधीन कैदी संझली सदर प्रखंड के कोलाजोड़ा गांव की रहने वाली है। इसके खिलाफ नगर थाने में कांड संख्या 25/26 दर्ज किया गया था।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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