शरीर के लिए ‘साइलेंट किलर’ बन सकता है ज्यादा नमक, जानें रोजाना कितनी हो सही मात्रा

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली। रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ सेहत पर भी असर डालते हैं। हालांकि किसी भी चीज़ का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। नमक भी ऐसा ही तत्व है, जो सीमित मात्रा में जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है।

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग तीखा, तला-भुना और पैकेज्ड भोजन ज्यादा खा रहे हैं। कई खाद्य पदार्थों—जैसे आटा, ब्रेड, स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड—में पहले से ही सोडियम मौजूद होता है। ऐसे में अनजाने में नमक का सेवन जरूरत से अधिक हो जाता है, जो आगे चलकर स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

स्वाद बढ़ाने वाला नमक यदि सीमा से ज्यादा लिया जाए तो धीरे-धीरे शरीर पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही मानते हैं कि नमक आवश्यक है, लेकिन संतुलित मात्रा में। अधिक सेवन से उच्च रक्तचाप, शरीर में सूजन, किडनी पर अतिरिक्त दबाव, हड्डियों की कमजोरी, यूरिक एसिड बढ़ना और त्वचा पर समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

World Health Organization के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 5 ग्राम नमक (करीब एक छोटा चम्मच) से अधिक नहीं लेना चाहिए। इस मात्रा में भोजन में मिलाया गया नमक और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में मौजूद सोडियम दोनों शामिल हैं। जबकि सामान्य भारतीय खानपान में औसतन 10 से 12 ग्राम नमक प्रतिदिन लिया जाता है, जो अनुशंसित मात्रा से काफी अधिक है।

नमक के उपयोग में रखें ये सावधानियां:

  1. केवल अत्यधिक परिष्कृत सफेद नमक पर निर्भर न रहें, संतुलित मात्रा में अन्य प्राकृतिक विकल्पों का भी उपयोग किया जा सकता है।
  2. सलाद, फल या दही में अतिरिक्त नमक या मसाला डालने से बचें।
  3. रात के समय बहुत नमकीन भोजन न करें, इससे सुबह सूजन महसूस हो सकती है।
  4. दही या लस्सी में अत्यधिक नमक की जगह सीमित मात्रा में मसालों का उपयोग करें।

संतुलित आहार और सीमित नमक सेवन से कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि स्वाद से ज्यादा सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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