नई दिल्ली। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने करीब 20 अरब डॉलर की बड़ी फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर में एनवीडिया, वेलर इक्विटी पार्टनर्स और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे वैश्विक निवेशकों ने भागीदारी की है।
कंपनी की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस निवेशक ने कितनी राशि इक्विटी या कर्ज के रूप में दी है। इस फंडिंग राउंड में स्टेपस्टोन ग्रुप, फिडेलिटी मैनेजमेंट एंड रिसर्च, एमजीएक्स, बैरन कैपिटल ग्रुप और सिस्को सिस्टम्स से जुड़े निवेश समूह भी शामिल बताए जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, xAI ने पहले लगभग 7.5 अरब डॉलर इक्विटी और 12.5 अरब डॉलर कर्ज के रूप में जुटाने की योजना बनाई थी। इस पूंजी का बड़ा हिस्सा एनवीडिया के अत्याधुनिक प्रोसेसर खरीदने में इस्तेमाल किया जाना है, जिन्हें लंबी अवधि के लिए लीज पर देने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है।
कंपनी का कहना है कि इस फंडिंग से उसके तकनीकी ढांचे को मजबूती मिलेगी, एआई आधारित उत्पादों के विकास की गति तेज होगी और वैश्विक स्तर पर उनकी पहुंच बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ‘ब्रह्मांड को समझने’ से जुड़े शोध कार्यों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, xAI वर्ष 2025 में अब तक करीब 10 अरब डॉलर जुटा चुकी है और कंपनी का मासिक खर्च लगभग 1 अरब डॉलर के आसपास है। एलन मस्क पहले ही यह जानकारी दे चुके हैं कि मेम्फिस में स्थित xAI के डाटा सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर करीब 2 गीगावाट तक ले जाने की योजना है। इतनी बिजली से लगभग 7.5 लाख अमेरिकी घरों को आपूर्ति की जा सकती है।
मस्क ने यह भी संकेत दिया है कि एआई प्रशिक्षण के लिए दुनिया का सबसे बड़ा डाटा सेंटर तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ‘कोलोसस-2’ परियोजना के तहत भविष्य में एनवीडिया की करीब 5.5 लाख चिप्स लगाए जाने की संभावना है, जिस पर अरबों डॉलर खर्च हो सकते हैं।
इसी बीच भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स कॉर्प को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय का कहना है कि एक्स प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने में कंपनी प्रभावी कदम नहीं उठा पाई है। सरकार ने एक्स कॉर्प को निर्देश दिया है कि वह ग्रोक और xAI से जुड़ी एआई सेवाओं के दुरुपयोग पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
वहीं, एक्स कॉर्प का दावा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर गैरकानूनी कंटेंट, विशेषकर बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और इस दिशा में स्थानीय प्रशासन व कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

