निवेश धोखाधड़ी प्रकरण में ईडी की कार्रवाई, 39 लाख रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क

Shashi Bhushan Kumar

कोच्चि : Enforcement Directorate (ईडी) के कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय ने निवेशकों से कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई करते हुए सेव बॉक्स कॉन्सेप्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक स्वाति रहीम से संबंधित 39.1 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई 17 फरवरी को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई।

ईडी ने जांच की शुरुआत Kerala Police के त्रिशूर सिटी ईस्ट थाने में दर्ज चार प्राथमिकी के आधार पर की थी। आरोप है कि कंपनी ने आकर्षक रिटर्न का आश्वासन देकर निवेशकों को शेयर जारी करने, साझेदारी प्रस्ताव देने तथा ऑनलाइन बोली मंच और उससे जुड़े उपक्रमों में फ्रेंचाइजी देने के नाम पर धन निवेश के लिए प्रेरित किया।

जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने स्वयं को देश की पहली ऑनलाइन बोली एप्लिकेशन के रूप में प्रस्तुत किया और बाद में इसे क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से भी जोड़ा। हालांकि, निवेश जुटाने के बाद कथित रूप से निर्धारित प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया गया। वर्ष 2022 के अंत तक कंपनी का संचालन बंद हो गया, जिसके बाद विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई गईं।

ईडी की जांच में सामने आया कि कुछ शिकायतकर्ताओं से आंशिक धनवापसी के बाद लगभग 39.01 लाख रुपये की राशि कथित तौर पर अपराध से अर्जित आय के रूप में चिन्हित की गई। एजेंसी का कहना है कि इस धन को विभिन्न माध्यमों से स्थानांतरित और उपयोग किया गया, जिसमें ब्रांड प्रचार, क्रिप्टो ट्रेडिंग में हुए नुकसान की भरपाई और अन्य खर्च शामिल हैं।

Prevention of Money Laundering Act, 2002 के तहत जारी अस्थायी कुर्की आदेश के माध्यम से संबंधित संपत्ति को जब्त किया गया है। ईडी के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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