RANCHI
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने पाकिस्तान की नोबेल पुरस्कार की मांग पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो देश आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए बदनाम है, उसे अगर कोई नोबेल पुरस्कार देने की बात करे, तो यह बेहद हास्यास्पद होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग यह दावा कर रहे थे कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव को किसी तरह रोका गया है, लेकिन जमीनी हालात में अभी भी अस्थिरता और टकराव जैसा माहौल दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग चैटजीपीटी जैसी तकनीक से प्रेजेंटेशन बनाकर बड़े दावे करते हैं, वैसे ही पाकिस्तान ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश कर दिया, लेकिन सारी पोल खुल गई। पाकिस्तान ने कुछ अंतरराष्ट्रीय बातचीत या समझौतों को लेकर पूरी जानकारी सही तरीके से संबंधित पक्षों तक नहीं पहुंचाई, जिससे भ्रम की स्थिति बनी। अगर ऐसे देशों को शांति स्थापित करने के नाम पर सम्मान दिया जाए, तो वो बहुत गलत है।
वहीं, असम, केरल और पुडुचेरी में हुए मतदान को लेकर उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में मतदान बहुत उत्साहपूर्ण रहा और मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखने को मिली। असम को लेकर उन्होंने कहा कि वहां रिकॉर्ड स्तर की वोटिंग हुई है। उनके अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं, एक तो जनता का राजनीतिक उत्साह और दूसरा मतदाता सूची से गलत नामों का हटना, जिसमें फर्जी या मृत मतदाताओं के नाम शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे वास्तविक मतदान प्रतिशत में स्वाभाविक रूप से बदलाव आया है।
केरल और पुडुचेरी को लेकर उन्होंने राजनीतिक भविष्य की बातें करते हुए कहा कि केरल में भले ही उनकी पार्टी अभी मुख्य मुकाबले में न रही हो, लेकिन वहां लोग विकल्प के रूप में भाजपा को देख रहे हैं। वहीं पुडुचेरी में उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पहले भी सत्ता में रह चुकी है और आगे भी सरकार बनाने की संभावना है। असम को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि विकास कार्यों और नेतृत्व की वजह से वहां जनता का समर्थन मिल रहा है और भारी मतों से हम जीत हासिल करेंगे।
मनोज तिवारी द्वारा मंगल पांडे के लिए भारत रत्न की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि उनका योगदान स्वतंत्रता संग्राम में बेहद महत्वपूर्ण था। साथ ही यह भी कहा गया कि ऐसे कई स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिन्होंने देश के लिए बड़ा बलिदान दिया और उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने बिहार की राजनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में पिछले वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां अराजकता या जंगल राज जैसी स्थिति की बात की जाती थी, वहीं अब विकास और प्रशासनिक सुधार की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार में अगला मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही चुना जाएगा और इसमें एनडीए के सभी राजनीतिक दलों की भूमिका होगी।

