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रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में तैनात उच्च कक्षपाल राहुल कश्यप को गृह एवं कारा विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने यह कार्रवाई उनकी नियुक्ति के समय अपराध और सजा की जानकारी छिपाने के आरोप में की है। आदेश जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने गुरुवार को जारी किया।
2010 का दुष्कर्म मामला था छिपा
मामला तब खुला जब जांच में पता चला कि राहुल कश्यप पर 26 सितंबर 2010 को दुष्कर्म सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। अदालत ने उन्हें 10 साल की सजा सुनाई थी।2014 में वह पहले खूंटी उपकारा में और बाद में रांची जेल में सजायाफ्ता कैदी के रूप में बंद रहा, हालांकि उसी वर्ष हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई।
जमानत के बाद नौकरी, लेकिन झूठ बोलकर
जमानत के बाद राहुल ने नौकरी की तलाश शुरू की और 2017 में कक्षपाल पद के लिए आवेदन कर दिया। नियुक्ति फार्म में उसने न तो अपने खिलाफ दर्ज केस की जानकारी दी और न ही यह बताया कि वह जेल में सजा काट चुका है। इसी आधार पर वह भर्ती हो गया और सालों तक उच्च कक्षपाल के रूप में ड्यूटी करता रहा।
आईजी का आदेश, विभाग की सख्ती
जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि नियुक्ति में धोखे की कोई जगह नहीं है।
विभाग ने साफ किया—की “राहुल कश्यप को सेवा से हटाया जाता है, और किसी भी प्रकार का भुगतान देय नहीं होगा।”

