RANCHI
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन कांग्रेस विधायकों नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप ने सीएनटी अधिनियम से जुड़ी जमीनों के मुद्दे को सदन में उठाया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से उन्होंने मांग की कि सीएनटी भूमि पर भवन नक्शा स्वीकृति, बिजली और पानी कनेक्शन देने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही से ऐसी स्वीकृतियां दी गईं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई।
विधायकों ने सवाल उठाया कि जब खतियान में जमीन का रैयत आदिवासी दर्ज है, तो ऐसी भूमि पर निर्माण की अनुमति कैसे दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अनियमितताओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
इस पर जवाब देते हुए भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि मामले में कई तकनीकी पहलू जुड़े हुए हैं और सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी। वहीं नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि कई दशक पहले सीएनटी भूमि खरीदकर लोग बस गए थे। उस समय भूमि की प्रकृति की जांच के लिए वर्तमान जैसी स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी, जिससे ऐसी स्थितियां उत्पन्न हुईं। उन्होंने इसे जटिल विषय बताते हुए कहा कि इसका समाधान समग्र रूप से विचार कर ही संभव है।
अंत में विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने सुझाव दिया कि सरकार पूरे मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठाए।

