रांची, कड़ाके की ठंड के बीच जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से आज सीआईएसएफ पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, रांची में एक मानवीय एवं सामाजिक दायित्व से परिपूर्ण कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय श्री प्रबोध चन्द्रा, महानिरीक्षक, सीआईएसएफ पूर्वी क्षेत्र के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में गरीब एवं असहाय वर्ग के लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान महानिरीक्षक श्री प्रबोध चन्द्रा ने स्वयं उपस्थित रहकर जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शीत ऋतु में समाज के कमजोर वर्गों की सहायता करना न केवल प्रशासनिक दायित्व है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ा हुआ कार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि सीआईएसएफ केवल सुरक्षा बल के रूप में ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने वाली एक संवेदनशील संस्था के रूप में भी कार्य करती रही है।

उल्लेखनीय है कि माननीय श्री प्रबोध चन्द्रा ने 01 जनवरी 2026 को सीआईएसएफ पूर्वी क्षेत्र के महानिरीक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। उनके कार्यभार संभालने के पश्चात आयोजित यह पहला जनकल्याणकारी कार्यक्रम रहा, जिसने उनके समाजोन्मुखी और मानवीय दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से दर्शाया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सीआईएसएफ समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है, विशेषकर उन लोगों के साथ, जिन्हें सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में श्री नीलोर पेरुमल्ल, उप महानिरीक्षक / पूर्वी खण्ड, श्री शक्तिपाल सिंह शेखावत, सहायक महानिरीक्षक / पूर्वी खण्ड, रांची सहित सीआईएसएफ पूर्वी क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, जवान, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने वाला कदम बताया।

स्थानीय नागरिकों ने कंबल वितरण कार्यक्रम के लिए सीआईएसएफ का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के प्रयास सर्द मौसम में गरीब और असहाय लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आते हैं। कार्यक्रम के दौरान यह भी संदेश दिया गया कि समाज की सेवा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर सक्षम संस्था और नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए।
सीआईएसएफ ने अपने आदर्श वाक्य ‘संरक्षण एवं सुरक्षा’ के अनुरूप भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों के लिए सहारा बना, बल्कि सीआईएसएफ और समाज के बीच सेवा, विश्वास और सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।

