सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं रद्द नहीं, वायरल सर्कुलर फर्जी

Shashi Bhushan Kumar
IThe Central Board of Secondary Education .

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्पष्ट किया है कि मध्य-पूर्व एशिया में कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं रद्द किए जाने संबंधी सोशल मीडिया पर वायरल सर्कुलर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। बोर्ड के नाम से प्रसारित इस दस्तावेज में दावा किया गया था कि वैश्विक परिस्थितियों और ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कुछ देशों में परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं और विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए जाएंगे।

सीबीएसई ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि परीक्षा रद्द करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मध्य-पूर्व के कुछ देशों में निर्धारित परीक्षाएं केवल स्थगित की गई हैं। नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

बोर्ड के अनुसार, बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों में 2 मार्च को निर्धारित परीक्षाएं फिलहाल टाल दी गई हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने बताया कि स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसके बाद आगामी परीक्षाओं को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

इस वर्ष सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में कुल 43,67,870 विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षाएं भारत सहित विश्व के 26 देशों में आयोजित की जा रही हैं। 17 फरवरी से शुरू हुई परीक्षाएं अब तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई हैं।

बोर्ड ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालयों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। विदेशों में स्थित सभी संबद्ध विद्यालयों को भी निर्देश दिया गया है कि वे इस फर्जी सूचना का तुरंत खंडन करें और छात्रों को भ्रम से बचाएं।

सीबीएसई ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध हो सकता है और साइबर माध्यम से गलत सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। परीक्षा स्थगन की आधिकारिक जानकारी संबंधित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को भी भेज दी गई है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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