Gen Z के भावनात्मक संघर्षों को समझने का जरिया बनी True I False I, लेखिका मानवीर कौर आनंद की पहल

Shashi Bhushan Kumar

फार्मा करियर छोड़ मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उतरीं लेखिका, युवाओं के भावनात्मक संघर्षों को समझने की नई पहल

रांची में जन्मी काउंसलर और मनोविज्ञान विशेषज्ञ मानवीर कौर आनंद की नई पुस्तक True I, False I आज के युवाओं, विशेषकर Gen Z के लिए मानसिक और भावनात्मक मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है।

बैंगलुरु में एक सफल फार्मास्युटिकल करियर को छोड़कर लेखिका ने शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो कदम बढ़ाया, वह उनके समर्पण और लचीलेपन को दर्शाता है। उनकी यह पुस्तक किशोरों और युवाओं के आंतरिक संघर्षों, भावनात्मक उलझनों और आत्म-पहचान की जटिल यात्रा को सरल और वैज्ञानिक तरीके से समझाने का प्रयास करती है।

PHOTO- लेखिका मानवीर कौर आनंद द्वारा रचित पुस्तक

पुस्तक में तंत्रिका विज्ञान और सहानुभूति के संगम के जरिए किशोरावस्था के व्यवहार को गहराई से समझाया गया है। साथ ही “Connect and Redirect” जैसी प्रभावी रणनीति के माध्यम से यह बताया गया है कि व्यवहार सुधार से पहले भावनात्मक जुड़ाव कितना जरूरी है।

इसमें छात्रों के लिए कई व्यावहारिक टूल्स भी शामिल किए गए हैं। “अंदर क्या मायने रखता है” जैसे स्व-मूल्यांकन अभ्यास के जरिए युवा अपनी भावनात्मक स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और “आंतरिक उथल-पुथल” के संकेतों की पहचान कर सकते हैं।

यह पुस्तक केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी एक मार्गदर्शिका के रूप में सामने आई है। यह उन्हें पारंपरिक अनुशासनात्मक तरीकों से आगे बढ़कर एक संवेदनशील और समझदार मेंटर बनने की दिशा दिखाती है।

विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भी True I, False I की सराहना करते हुए इसे आज के समय में युवाओं के लिए बेहद उपयोगी बताया है।

लेखिका Manveer Kaur Anand के अनुसार, “हर आंतरिक उथल-पुथल को समझने की जरूरत है, आलोचना की नहीं,” और यही संदेश इस पुस्तक का मूल आधार है।

यह पुस्तक उन सभी के लिए एक उपयोगी साथी साबित हो सकती है, जो मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-विकास और भावनात्मक संतुलन की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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