क्या अंश -अंशिका अपहरण में था अंतरराजयीय गिरोह का हाथ, आखिर डीजीपी ने क्यों नहीं किया पूरा खुलासा ? जानिए सीएम ने क्या कहा

Shashi Bhushan Kumar

बुधवार की सुबह रांचीवासियों के लिए राहत और खुशी की खबर लेकर आई। बीते 12 दिनों से धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता पांच वर्षीय अंश और उसकी चार वर्षीय बहन अंशिका आखिरकार सुरक्षित अपने माता-पिता के पास लौट आए हैं। दोनों मासूम बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर क्षेत्र से बरामद किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में खुशी का माहौल है।

बच्चों की सुरक्षित बरामदगी में स्थानीय ग्रामीणों की भी अहम भूमिका रही। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और दोनों बच्चों को सकुशल बरामद किया। इस सफलता के बाद पुलिस और आम जनता ने राहत की सांस ली है।

हालांकि, बच्चों की बरामदगी के बाद सामने आ रही जानकारियां चिंता बढ़ाने वाली भी हैं। झारखंड पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रारंभिक जांच में इस मामले में अंतर्राज्यीय गिरोह की संलिप्तता की आशंका सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में झारखंड के बाहर के लोग भी शामिल हो सकते हैं।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अनुसंधान जारी है, इसलिए पूरे मामले का खुलासा अभी संभव नहीं है। शुरुआती जांच के आधार पर यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, जिसमें कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

इधर, बच्चों की सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम जिंदगियों का मुक्त होना बेहद सुकून देने वाला है। मुख्यमंत्री ने रांची पुलिस और झारखंड पुलिस की तत्परता, सूझबूझ और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अंश और अंशिका के परिवार को सभी आवश्यक सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें हरसंभव सहायता मिल सके। उन्होंने दोहराया कि राज्य में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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