अमित शाह का पश्चिम बंगाल सरकार पर बड़ा आरोप: बीएसएफ को कंटीली बाड़ के लिए जमीन नहीं दी

Ravikant Upadhyay

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए जरूरी कंटीली बाड़ लगाने हेतु राज्य सरकार बीएसएफ को पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सात बार पत्र लिखे, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा एक अत्यंत संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ को जमीन उपलब्ध कराने को लेकर पश्चिम बंगाल में तीन सचिव-स्तरीय बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा है। गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि जब बीएसएफ को कंटीली बाड़ लगाने के लिए जमीन ही नहीं दी जाएगी, तो वह अवैध घुसपैठ को प्रभावी ढंग से कैसे रोक पाएगी।

अमित शाह ने कहा कि आज बीएसएफ पर घुसपैठ रोकने में नाकाम रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि बिना आधारभूत सुविधाओं के किसी भी सुरक्षा बल से बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीली बाड़ और अन्य सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए बिना घुसपैठ की समस्या पर काबू पाना संभव नहीं है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने अवैध घुसपैठ को पश्चिम बंगाल के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इसके कारण राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या को नहीं रोका गया, तो आने वाले वर्षों में पश्चिम बंगाल के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अमित शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी ऐसी राजनीतिक पार्टी के साथ समझौता नहीं करेगी, जो अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठ को बढ़ावा देती हो।

उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि राज्य में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की नियुक्ति के दौरान केंद्र सरकार के नियमों और कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी, यानी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के दिशा-निर्देशों को कमजोर किया जा रहा है। शाह के अनुसार, इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने मतुआ समुदाय को भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों के वोटिंग अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत आए हर शरणार्थी को नागरिक माना जाएगा और यह भाजपा का स्पष्ट वादा है। गृह मंत्री ने कहा कि कोई भी ताकत, चाहे वह कितनी भी प्रभावशाली क्यों न हो, शरणार्थियों के अधिकारों को नहीं छीन सकती।

अंत में अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार एक ओर अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त अभियान चलाएगी, वहीं दूसरी ओर देश में आए शरणार्थियों की सुरक्षा और अधिकारों की पूरी जिम्मेदारी भी निभाएगी।

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