RANCHI
बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का भव्य संगम देखने को मिला। इस अवसर पर विशेष पूजा-अनुष्ठान, भोग अर्पण तथा भजन-कीर्तन का आयोजन पूरे भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। बसंत ऋतु के आगमन और ज्ञान, कला व विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना से मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना से हुई, जिसमें मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न कराई। उन्होंने भगवान को भोग अर्पित करते हुए समस्त श्रद्धालुओं के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं ज्ञान-विवेक की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जहां भक्तों ने भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु की महिमा का गुणगान किया।
इस अवसर पर मंदिर में विराजमान श्री राधा रानी का विशेष अलौकिक श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। बसंत पंचमी की परंपरा के अनुरूप उन्हें पीले वस्त्र धारण कराए गए तथा पीले पुष्पों से मनोहारी सजावट की गई। सुसज्जित आभूषणों से सजा उनका दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर गया। पूरा मंदिर परिसर पीले रंग की आभा से आलोकित दिखा, जो बसंत ऋतु की उमंग और उल्लास का प्रतीक बना।

पूजा-अनुष्ठान के उपरांत सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। केसर युक्त खीर और मेवायुक्त पीले पुलाव का प्रसाद भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।
इस अवसर पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने उपस्थित श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि यह ज्ञान, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। माँ सरस्वती की आराधना से जीवन में विवेक, संस्कार और सृजनशीलता का विकास होता है।
समूचा आयोजन शांतिपूर्ण, अनुशासित और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। बसंत पंचमी के इस पावन अवसर पर श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के मन में आध्यात्मिक आनंद, उल्लास और नवचेतना का संचार किया।

