PATNA
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेताओं ने पटना में नीट परीक्षा देने वाली एक छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया और इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग की।
पूर्व विधायक संजिव कुमार के नेतृत्व में राजद नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात की और घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा खतरे में है और प्रशासन इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
संजिव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार छात्रा की मौत फूड पॉइजनिंग के कारण हुई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई। उन्होंने इसे प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने की योजना बताया।
राजद नेताओं ने पटना में प्राइवेट गर्ल्स हॉस्टल्स के संचालन और नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल्स का जिला प्रशासन के साथ पंजीकरण अनिवार्य करे और इन हॉस्टल्स में सीसीटीवी निगरानी की सीधी मॉनीटरिंग पुलिस मुख्यालय द्वारा की जाए।
संजिव कुमार ने कहा कि यह मामला केवल एक छात्रा की मौत का नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और न्याय का भी सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, जबकि आरोपी प्रभावशाली हैं, और इसी वजह से पुलिस का रवैया उदासीन है।
राजद ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई नहीं होती और मामला CBI को नहीं सौंपा गया, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

