रांची प्रेस क्लब में विशिष्ट व्यक्तित्वों के साथ संवाद शृंखला की शुरुआत
RANCHI
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीति और मीडिया एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का अंतिम उद्देश्य राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध रहना होना चाहिए। वे सोमवार को रांची प्रेस क्लब में आयोजित संवाद कार्यक्रम में “राजनीति और मीडिया” विषय पर पत्रकारों से संवाद कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि राजनीति शासन की दिशा निर्धारित करती है, जबकि मीडिया उन नीतियों और निर्णयों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। राजनीति की गतिविधियों पर मीडिया की सतत निगरानी रहती है और जब शासन अपनी राह से भटकता है, तब मीडिया उसे आईना दिखाने का दायित्व निभाता है। इसी वजह से मीडिया को लोकतंत्र का एक अहम स्तंभ माना गया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया की आलोचना संतुलित और तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। ठोस तथ्यों के साथ खबरें प्रकाशित करने में संकोच नहीं होना चाहिए, लेकिन सनसनी फैलाने या किसी के व्यक्तित्व पर अनावश्यक प्रहार से बचना जरूरी है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि यदि पत्रकारिता में कभी त्रुटि हो जाए, तो उसे स्वीकार कर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि आज राजनीति की तरह मीडिया भी वैचारिक खांचों में बंटती जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता मुख्य रूप से एक पेशा बन गई है, जहां पत्रकारों पर खबरों के साथ-साथ विज्ञापनों का भी दबाव रहता है। इससे खबरों की गुणवत्ता प्रभावित होती है और पत्रकारों को राजनेताओं व नौकरशाही से तालमेल बैठाने की मजबूरी होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत विचारधाराओं से ऊपर राष्ट्र और समाज को रखना चाहिए। पारदर्शिता और संवाद से ही लोकतंत्र और समाज मजबूत बन सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि बाजारवाद के बढ़ते प्रभाव के कारण मीडिया का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है, जिससे पत्रकारिता की आत्मा को नुकसान पहुंच रहा है।
विषय की भूमिका रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार बैजनाथ मिश्र ने भारत में पत्रकारिता के ढाई सौ वर्षों के इतिहास और उसकी वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य अतिथि के सार्वजनिक जीवन और अनुभवों का भी संक्षिप्त परिचय दिया।
रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी ने संवाद शृंखला के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका मकसद राजनीति, प्रशासन, समाज और मीडिया से जुड़े समकालीन मुद्दों पर निष्पक्ष और सार्थक विमर्श को बढ़ावा देना है। वहीं स्वागत भाषण में सचिव अभिषेक सिन्हा ने कहा कि प्रेस क्लब आगे भी पत्रकारों के बौद्धिक विकास और पेशेवर मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष बिपिन उपाध्याय ने किया।
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पत्रकार, प्रेस क्लब के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

