नई दिल्ली, LIVE 7 TV- कविता सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि दिल की गहराइयों को छूने, विचारों को उड़ान देने और संस्कृतियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। प्रतिवर्ष 21 मार्च को दुनिया भर में कविता के महत्व को उजागर करते हुए विश्व कविता दिवस मनाया जाता है, जब पूरी दुनिया कविता की सुंदरता, भावनाओं और शक्ति का जश्न मनाती है।
यह दिन याद दिलाता है कि एक छोटी सी कविता भी शांति, संवाद और बदलाव का बड़ा कारण बन सकती है। हर साल 21 मार्च को मनाया जाने वाला विश्व कविता दिवस यूनेस्को द्वारा 1999 में पेरिस में अपनी 30वीं महासभा में अपनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भाषाई विविधता को बढ़ावा देना, लुप्तप्राय भाषाओं को बचाना और काव्य अभिव्यक्ति के जरिए सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना है।
कविता हर देश के कोने और हर संस्कृति में मौजूद रही है। यह साझा मानवता और मूल्यों को व्यक्त करती है। सबसे सरल कविताएं भी संवाद और शांति के लिए शक्तिशाली माध्यम बन जाती हैं। विश्व कविता दिवस कवियों को सम्मान देने, मौखिक परंपराओं को जीवंत करने, कविता के पढ़ने-लिखने-शिक्षण को प्रोत्साहित करने का बेहतरीन अवसर है। यह कविता को रंगमंच, नृत्य, संगीत और चित्रकला जैसी अन्य कलाओं से जोड़ता है साथ ही मीडिया में कविता की उपस्थिति बढ़ाता है।
यूनेस्को के अनुसार, कविता भाषा का ऐसा रूप है जो बिना भाषा जाने भी सब समझ लेते हैं। कई प्रसिद्ध कवि अपनी रचनाओं से लोगों को दुनिया को नए नजरिए से देखना सिखाते हैं और जीवन के प्रति दृष्टिकोण बदल देते हैं। जो बात साधारण वाक्यों से नहीं समझ आती, कविता उसे सरल और गहरा बना देती है।
इस दिन दुनिया भर में स्कूल, कॉलेज, साहित्यिक संगठन, प्रकाशक और कवि विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करते हैं। कविता पाठ, लेखन कार्यशालाएं, ओपन माइक सेशन, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। कई जगहों पर कविता को अन्य कलाओं के साथ जोड़ा जाता है। भारत में भी कई शहरों में कविता उत्सव, ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम चल रहे हैं, जहां नए और पुराने कवि अपनी रचनाएं साझा करते हैं। आज के समय में कई प्लेटफॉर्म बन गए हैं, जहां कविताओं के माध्यम से कवि अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

