Jharkhand निकाय चुनाव परिणाम: 13 शहरों में भाजपा समर्थित, 11 में झामुमो समर्थित उम्मीदवार विजयी

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड के 48 शहरी निकायों में हुए चुनाव के 47 परिणाम घोषित हो चुके हैं और अब तस्वीर लगभग स्पष्ट हो गई है। घोषित नतीजों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित प्रत्याशियों ने 13 नगर निकायों में जीत दर्ज की है, जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित उम्मीदवार 11 निकायों में विजयी रहे हैं। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को तीन स्थानों पर सफलता मिली है। सबसे अधिक 18 निकायों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। एक सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) समर्थित प्रत्याशी के खाते में गई है।

नौ नगर निगमों में से आठ में मेयर पद के परिणाम घोषित हो चुके हैं। रांची नगर निगम में भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को पराजित किया। मेदिनीनगर में भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। हजारीबाग में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। देवघर और गिरिडीह में झामुमो समर्थित उम्मीदवारों ने बाजी मारी। आदित्यपुर में भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि मानगो नगर निगम में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने जीत हासिल की। धनबाद नगर निगम में अंतिम परिणाम की प्रतीक्षा जारी है, जहां निर्दलीय प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं।

इसके अतिरिक्त 39 छोटे शहरी निकायों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिणाम भी घोषित हो चुके हैं। इनमें 17 स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशी, 10 पर भाजपा समर्थित, 9 पर झामुमो समर्थित, 2 पर कांग्रेस समर्थित और 1 पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे हैं।

घोषित परिणामों से स्पष्ट है कि इस बार शहरी निकाय चुनावों में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिला। मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि और जमीनी सक्रियता को प्राथमिकता दी। कई स्थानों पर कड़े मुकाबले के बीच निर्दलीय उम्मीदवारों की उल्लेखनीय सफलता ने चुनावी परिदृश्य को संतुलित और रोचक बना दिया है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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