इंफाल, मणिपुर के उखरूल जिले में नागा और कुकी समुदायों के बीच ताजा हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।
पुलिस के मुताबिक, उखरूल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में हाल के दिनों में गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं हुई हैं। यह तनाव तब बढ़ा, जब दो तंगखुल नागा संगठनों ने पड़ोसी जिलों में कुकी समुदाय के लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियारबंद लोगों ने गांव में आठ से अधिक मकानों को आग के हवाले कर दिया और कई राउंड फायरिंग की। पिछले 48 घंटों में 30 से ज्यादा घर और संपत्तियां जलकर नष्ट हो चुकी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हिंसा तंगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति पर हुए कथित हमले के बाद भड़की।
प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है, हालांकि सुरक्षा बल हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
राज्य गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उखरूल में कानून-व्यवस्था की स्थिति नाजुक है और सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ सामग्री फैलने का खतरा है। इसी वजह से ब्रॉडबैंड, मोबाइल इंटरनेट, वीपीएन और वी-सैट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आसपास के गांवों में भी आगजनी की घटनाएं हुई हैं, जिसके बाद कर्फ्यू लगाया गया है। सुरक्षा समन्वय के लिए लितान पुलिस स्टेशन में संयुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
विपक्षी कांग्रेस ने हिंसा पर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल शांति बहाली के कदम उठाने की मांग की है। कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघाचंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे समय में हिंसा समाज में डर और अनिश्चितता पैदा कर रही है।
रविवार को भी लितान गांव में दोनों समुदायों के बीच पथराव हुआ था, जिसके बाद प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की थी और सुरक्षा बलों को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा था।
उखरूल के जिलाधिकारी आशीष दास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया था।
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री लोसीई डिखो, जो नागा समुदाय से हैं, रविवार से ही प्रभावित क्षेत्र में रहकर स्थानीय लोगों से बातचीत कर तनाव कम करने का प्रयास कर रहे हैं।

